झुंझुनू – Sevabharati News https://sevabharati.co.in Latest News Channel Sun, 29 Jun 2025 14:54:15 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.8.2 https://sevabharati.co.in/wp-content/uploads/2020/12/seva-bhara-logo-new.jpg झुंझुनू – Sevabharati News https://sevabharati.co.in 32 32 158664721 आपातकाल’ लोकतंत्र का काला अध्याय : शेखावत https://sevabharati.co.in/archives/51360 https://sevabharati.co.in/archives/51360#respond Sun, 29 Jun 2025 14:54:09 +0000 http://www.sevabharati.co.in/?p=51360 झुंझुनूं में ‘काला दिवस’ कार्यक्रम में बोले केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री

कहा, एक प्रधानमंत्री ने अपनी सत्ता बचाने के लिए संविधान का गला घोंट दिया

झुंझुनूं। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने ‘आपातकाल’ के 50 वर्ष पूरे होने पर उस कालखंड को लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि एक प्रधानमंत्री ने अपनी सत्ता बचाने के लिए संविधान का गला घोंट दिया।

भारतीय जनता पार्टी के झुंझुनूं जिला कार्यालय में रविवार को आयोजित ‘काला दिवस’ कार्यक्रम में शामिल हुए शेखावत ने कहा कि रातों-रात लोकतंत्र, न्यायपालिका, प्रेस और जनता की आजादी छीन ली गई। उन्होंने याद दिलाया कि आपातकाल के दौरान कैसे हजारों नेताओं को जेल में डाला गया, न्यायपालिका को झुकाया गया और प्रेस की स्वतंत्रता छीनी गई। शेखावत ने इस दौरान हुई जबरन नसबंदी का भी जिक्र किया, जिसे उन्होंने ‘दमन की नीति’ और लोकतंत्र पर अत्याचार बताया।

कांग्रेस में आ गया था अहंकार
केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि 1971 की जंग जीतने के बाद कांग्रेस में अहंकार आ गया था और 1975 में गुजरात विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की हार और इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा इंदिरा गांधी के चुनाव को अवैध ठहराना, दोनों घटनाएं कांग्रेस के पतन की शुरुआत थीं, जिसके बाद इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाकर सत्ता की लालसा में किसी भी सीमा को लांघने का प्रमाण दिया।

लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध
शेखावत ने कहा कि आज हम केंद्र में सरकार में हैं, लेकिन इसके बावजूद हम आपातकाल को याद कर रहे हैं, ताकि यह जनता को विश्वास दिलाया जा सके कि भारतीय जनता पार्टी लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ये कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से पूरे देश में आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियों को बताया जा सके कि कैसे लोकतंत्र को कुचला गया और संविधान की हत्या की गई। उन्होंने कहा कि हम न तो उस दौर को दोहराएंगे, न ही किसी को दोहराने देंगे।

अप्रासंगिक हो चुके अशोक गहलोत
केंद्रीय मंत्री ने इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने अशोक गहलोत को ‘अप्रासंगिक’ बताते हुए कहा कि तीन बार मुख्यमंत्री रहने के बावजूद इस बार पार्टी ने उन्हें पूरी तरह किनारे कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि गहलोत अब खुद को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए निराधार और भ्रामक बयान दे रहे हैं। शेखावत ने कहा कि गहलोत आज भी उस मानसिकता में जी रहे हैं, जब विधायकों को होटल में बंद कर सरकारें बचाई जाती थीं।

हमारी विचारधारा राष्ट्रहित से जुड़ी
केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लेकर गहलोत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हमें गर्व है कि हम स्वयंसेवक हैं। हमारी विचारधारा राष्ट्रहित से जुड़ी है। उन्होंने गहलोत के बयानों को ‘तर्कहीन’ बताया और कहा कि जनता अब उन्हें गंभीरता से नहीं लेती।

कार्यक्रम में ये रहे शामिल
कार्यक्रम में नवलगढ़ विधायक विक्रम सिंह जाखल, खेतड़ी विधायक धर्मपाल गुर्जर, झुंझुनूं विधायक राजेंद्र भाम्बू, भाजपा जिला अध्यक्ष हर्षणी कुलहरी सहित कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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पेरेंट्स टीचर मीटिंग का आयोजन https://sevabharati.co.in/archives/45603 https://sevabharati.co.in/archives/45603#respond Tue, 09 Jan 2024 16:12:35 +0000 http://www.sevabharati.co.in/?p=45603 झुंझुनूं। परीक्षण तैयारी सेवाओं में राष्ट्रीय अग्रणी, आकाश बायजूस, पेरेंट्स टीचर मीटिंग के लिए एक शानदार दृष्टिकोण के माध्यम से शिक्षा के परिदृश्य को फिर से आकार दे रहा है. इसी क्रम में आकाश की ओर से राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और जम्मू की विभिन्न ब्रांचो में पेरेंट्स टीचर मीटिंग का आयोजन किया गया।

आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड के क्षेत्रीय निदेशक, श्री परमेश्वर झा ने कहा, “हमारे अभिनव पीटीएम केवल बैठकों से परे हैं; वे प्रत्येक छात्र की अनूठी शैक्षिक यात्रा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतिनिधित्व करते हैं। आकाश मानते हैं कि सफलता केवल शैक्षणिक कौशल से नहीं मिलती है, बल्कि यह एक छात्र के समग्र विकास का परिणाम है, जिसमें अनुशासन, भागीदारी और सामान्य व्यवहार शामिल है।

सलाहकार अंतर्दृष्टि और विषय-विशिष्ट विश्लेषण को एकीकृत करके, हम एक छात्र के विकास की समग्र समझ सुनिश्चित करते हैं, माता-पिता को निरंतर सफलता के लिए कार्रवाई योग्य अंतर्दृष्टि से लैस करते हैं।

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भारत का डंका पूरी दुनिया में बज रहा है, भारतीय होना गर्व का विषय है : उपराष्ट्रपति https://sevabharati.co.in/archives/42927 https://sevabharati.co.in/archives/42927#respond Sun, 27 Aug 2023 11:04:19 +0000 http://www.sevabharati.co.in/?p=42927 उपराष्ट्रपति ने सैनिक स्कूल झुंझुनूं में विद्यार्थियों से संवाद कर प्रेरित किया

झुंझुनूं। भारत के उपराष्ट्रपति, श्री जगदीप धनखड़ एवं डॉ. सुदेश धनखड़ आज अपनी एक दिवसीय राजस्थान यात्रा पर झुंझुनूं पहुंचे। अपने गृह जनपद पहुंचकर उपराष्ट्रपति जी ने प्रसिद्ध सूर्य मंदिर लोहार्गल और रानी शक्ति मंदिर में पूजा अर्चना की एवं राष्ट्र की संपन्नता और खुशहाली के लिए प्रार्थना की।

इसके पश्चात, श्री धनखड़ सैनिक स्कूल झुंझुनूं पहुंचे और वहां छात्रों एंव शिक्षकों से मुलाकात की। छात्रों को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति जी ने कहा कि फेल होने का डर आपकी ताकत को कम करता है, इसलिए असफलता का भय नहीं रखे। आप जिस भी क्षेत्र में अभिरुचि रखते हैं, उसमें खुल कर आगे बढ़ें।

अपने छात्र जीवन को याद करते हुए उन्होंने कहा कि वे सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ में हमेशा अपनी कक्षा में प्रथम आते थे, ऐसे में उन्हें डर लगने लगा था कि यदि वे प्रथम नहीं आए, तो क्या होगा? आज सोचते हैं कि प्रथम नहीं आकर दूसरे, तीसरे चौथे स्थान पर भी रहते, तो भी ज्यादा फर्क नहीं पड़ता, बल्कि वे अन्य को-करिकुलर गतिविधियों में ज्यादा भाग ले पाते।

स्वयं सैनिक स्कूल का पूर्व-छात्र होने के नाते उन्होंने मंच से घोषणा करते हुए कहा कि सैनिक स्कूल झुंझुनूं की बेहतरी के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उपस्थित छात्रों को आमंत्रित करते हुए उपराष्ट्रपति जी ने कहा कि वे उन्हें नये संसद भवन और राज्यसभा की कार्यवाही दिखाने के लिए दिल्ली बुलाएंगे। श्री धनखड़ ने विद्यार्थियों से कहा कि आप देश का भविष्य हैं। सैनिक स्कूल से जो भी विद्यार्थी निकलता है, वो चाहे किसी भी क्षेत्र में जाए, अच्छा ही करता है।

जब पहली बार सैनिक स्कूल में प्रवेश लिया था:

उपराष्ट्रपति ने कहा कि आज झुंझुनूं सैनिक स्कूल में आने पर उन्हें वो दिन याद आ गया है जब वे पहली बार सैनिक स्कूल में बतौर विद्यार्थी गए थे। उन्होंने कहा कि वे एक गांव से निकलकर पहली बार शहर गए थे और सैनिक स्कूल की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ने उनकी जीवन की नींव रखी। उन्होंने विद्यार्थियों को सैनिक स्कूल के कैडेट होने की बधाई देते हुए कहा कि आप भाग्यशाली हैं।

“हर 6 महीने में स्कूल की प्रगति में नया आयाम मिलेगा”

श्री धनखड़ ने कहा कि मैं वादा करता हूं कि झुंझनूं सैनिक स्कूल की प्रगति में हर 6 महीने में नया आयाम मिलेगा। उन्होंने कहा कि झुंझुनूं जिले ने सैन्य बलों को बड़ा योगदान दिया है और राष्ट्र के लिए बलिदान भी दिया है। उपराष्ट्रपति ने चंद्रयान अभियान की सफलता का जिक्र करते हुए कहा “क्या कभी सोचा था कि भारत ऐसा इतिहास रचेगा? हम चंद्रमा पर पहुंचने वाले चार देशों में शामिल हैं, और दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाले एक मात्र देश हैं … ‘शिव-शक्ति’ और ‘तिरंगा’ की छाप चन्द्रमा पर पहुँच चुकी है।”

देश की वैश्विक स्तर पर प्रगति का जिक्र करते हुए उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वर्ष 2047 तक भारत को विश्व का सिरमौर बनाने का संकल्प लें। श्री धनखड़ ने छात्रों से कहा कि आप भाग्यशाली हैं कि ऐसे समय में हैं जब भारत का डंका पूरी दुनिया में बज रहा और आपको ऐसा माहौल मिल रहा है जहाँ भारतीय होना दुनिया में गर्व का विषय है।

संबोधन के पश्चात उपराष्ट्रपति जी ने सैनिक स्कूल के परिसर में व्यायामशाला, खरीददारी केंद्र, आगंतुक अतिथि गृह, बालिका छात्रावास, एकीकृत खेल प्रांगण, बहुउद्देश्यीय हॉल आदि के भवनों का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। उन्होंने इस दौरान पौधारोपण भी किया।

झुंझुनूं में अपने कार्यक्रमों के बाद उपराष्ट्रपति जी जयपुर के लिए रवाना हो गए जहाँ वे राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूम में भाग लेंगे।

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सऊदी अरब की जेल में बंद थे छाजूराम, शेखावत ने करवाई घरवापसी https://sevabharati.co.in/archives/40678 https://sevabharati.co.in/archives/40678#respond Fri, 14 Jul 2023 14:04:42 +0000 http://www.sevabharati.co.in/?p=40678 परिवार ने जताया केंद्रीय जलशक्ति मंत्री का आभार, बोले- छोड़ दी थीं भारत आने की उम्मीदें

जोधपुर । केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के प्रयासों से सऊदी अरब की जेल में बंद झुंझुनू के उदयपुरवाटी निवासी छाजू राम जांगिड़ की स्वदेश वापसी हो गई है। छाजू राम और उनके परिवार ने केंद्रीय मंत्री शेखावत का आभार जताया है।

खरबासों की ढाणी निवासी छाजू राम जांगिड़ वर्ष 2017 में पैसे कमाने के लिए सऊदी अरब गए थे। छाजू राम ने बताया कि 18 अक्टूबर 2017 को अल सोहीन ट्रांसपोर्ट कंपनी में उन्हें चालक की नौकरी मिली। वहां दौलत सिंह निवासी बड़ाऊ रसूलपुर ने उनसे दोस्ती कर ली। हालांकि, दोनों की कंपनी अलग-अलग थीं। एक दिन दौलत ने सप्लाई के दौरान साथ-साथ चलने की बात कही। रास्ते में उसने उनका ट्रक पार्क करवा दिया और चाय पानी के बहाने एक कमरे में ले गया। छाजू राम ने बताया कि मैंने बाहर आकर देखा तो तीन पाकिस्तानयों समेत आधा दर्जन लोग मेरे ट्रक से दूसरे ट्रक में सामान शिफ्ट कर रहे थे। मैंने उन्हें रोका तो मेरे साथ मारपीट की। वो मुझे बंधक बनाकर जंगल ले गए। वहां मुझे तीन अन्य के हवाले कर दिया।

छाजू राम ने बताया कि कुछ दिन बाद वे मारपीट कर मुझसे पैसों की डिमांड करने लगे। परिवारवालों ने कर्जा लेकर भारत से 8-10 बार में साढ़े 7 लाख रुपए भेज दिए। इसके बावजूद उन्होंने मुझे छोड़ा नहीं। उनके चंगुल में छह माह तक फंसा रहा। दूसरी तरफ बंधक बनाने वालों ने मेरी कंपनी का ट्रक बेच दिया और सामान पारकर दिया। ऐसे में वहां मुझे ढाई साल की सजा सुनाई गई और दूसरी तरफ कंपनी ने भी ढाई लाख का क्लेम कर दिया। छाजू राम ने बताया कि मुझे स्वदेश वापसी एक सपने जैसा लग रहा था। मैंने घरवापसी की उम्मीद छोड़ दी थी।

छाजू राम के बेटे ने बताया कि लक्ष्मण दास जी महाराज के मार्गदर्शन में हम पौंख निवासी विश्वेन्द्र सिंह और लोकेंद्र सिंह शेखावत से मिले। उन्होंने हमारी बात केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से करवाई। मंत्रीजी ने विदेश मंत्री एस.जयशंकर से बात की और विदेश मंत्रालय ने सऊदी अरब में वकील की व्यवस्था करवाई और पापा की स्वदेश वापसी हो पाई। वतन वापसी पर छाजू राम जांगिड़, उनकी पत्नी माया देवी, बेटा आशीष, शिवम, प्रिन्स, बेटी पूजा व आरती ने केंद्रीय मंत्री शेखावत का आभार जताया है। छाजू राम के घर पहुंचते ही सालों से परेशान परिजन और रिश्तेदार खुशी से झूम उठे हैं। छाजू राम ने कहा कि इतने वर्षों बाद घर आकर चैन की नींद सो पाऊंगा।

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आकाश बायजूस ने झुंझुनू में अपना पहला क्लासरूम सेंटर खोला https://sevabharati.co.in/archives/39095 https://sevabharati.co.in/archives/39095#respond Wed, 22 Mar 2023 15:33:09 +0000 http://www.sevabharati.co.in/?p=39095 झुंझुनू। भारत के अग्रणी आकाश बायजूस, ने परीक्षा तैयारी सेवाओं में झुंझुनू, राजस्थान में अपना पहला क्लासरूम सेंटर खोला है, जो शहर से अपने एनईईटी, आईआईटी जेईई, ओलंपियाड कोचिंग और फाउंडेशन पाठ्यक्रमों की बढ़ती मांग को पूरा कर रहा है। आकाश बायजूस के पूरे भारत में फैले केंद्रों के नेटवर्क में यह नया जुड़ाव, वर्तमान में 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 325+ है, छात्रों को जहां वे रहते हैं, वहां उन्हें मानकीकृत प्रत्यक्ष कोचिंग सेवाओं तक पहुंचने के लिए संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
आकाश बायजूस, एक विशाल स्थान के साथ पहली और दूसरी मंजिल, ओम टॉवर, इंदिरा नगर, झुंझुनू में एक प्रमुख स्थान पर स्थित केंद्र में 12 कक्षाएं हैं और 1250+ छात्रों को सीधी कक्षाएं प्रदान कर सकता है। कनेक्टेड और स्मार्ट क्लासरूम की विशेषता के साथ, केंद्र अपने हाइब्रिड पाठ्यक्रमों के छात्रों को एक सहज सीखने का अनुभव भी प्रदान कर सकता है।
झुंझुनू में नए केंद्र का शुभारंभ आकाश बायजूस के क्षेत्रीय निदेशक श्री परमेश्वर झा ने कंपनी के अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में किया।
छात्र अपनी मार्कशीट साझा करके सीधे प्रवेश सह छात्रवृत्ति परीक्षा (आईएसीएसटी), एसीएसटी के लिए नामांकन कर सकते हैं और प्रवेश ले सकते हैं या प्रवेश लेने के लिए इस वर्ष के अंत में आकाश बायजू नेशनल टैलेंट हंट परीक्षा (एंथे) के लिए पंजीकरण कर सकते हैं, जो संस्थान की प्रमुख वार्षिक छात्रवृत्ति परीक्षा है।
झुंझुनू में नए केंद्र के शुभारंभ के बारे में, श्री अभिषेक माहेश्वरी, सीईओ, आकाश बायजूस ने कहा, “आकाश बायजूस में, हम छात्र-केंद्रित शिक्षा को बढ़ावा देने में विश्वास करते हैं, जिसका अर्थ है पाठ्यक्रम प्रदान करना और छात्रों को कहीं भी शिक्षा प्रदान करना। हैं। हमारा मुख्य अंतर न केवल पाठ्यक्रम सामग्री की गुणवत्ता है बल्कि इसकी डिलीवरी भी है जो ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड के बीच सही संतुलन का प्रतिनिधित्व करती है। संक्षेप में, हम अपने छात्रों के सीखने के अनुभव और परिणामों को बढ़ावा देने और उनके उच्च शिक्षा के सपनों को साकार करने में मदद करने के लिए वास्तविक और आभासी दोनों दुनिया के सर्वश्रेष्ठ की पेशकश करना चाहते हैं।
आकाश बायजूस के क्षेत्रीय निदेशक श्री परमेश्वर झा ने कहा, “हम झुंझुनू में अपना पहला केंद्र खोलकर खुश हैं, जहां सैकड़ों एनईईटी, जेईई और ओलंपियाड के उम्मीदवार हैं जो वास्तव में हमारी कोचिंग सेवाओं को महत्व देते हैं और चाहते हैं। हमारे सभी केंद्रों में प्रशिक्षित शिक्षक, संरक्षक और परामर्शदाता हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि पाठ्यक्रम वितरण का मानक हमेशा बना रहे, चाहे केंद्र किसी बड़े शहर से कितनी भी दूर क्यों न हो। छात्रों के लिए, उनके अपने स्थान पर एक प्रत्यक्ष केंद्र का अत्यधिक लाभ यह है कि विश्व स्तरीय कोचिंग अब उनके दरवाजे पर दस्तक दे रही है और उन्हें कभी भी कोचिंग के लिए अपने माता-पिता और परिवार को छोड़कर शहरों की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी।

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भारत की बलिदानी परम्परा से ही सनातन संस्कृति अमिट : शेखावत https://sevabharati.co.in/archives/37872 https://sevabharati.co.in/archives/37872#respond Wed, 12 Oct 2022 03:32:54 +0000 http://www.sevabharati.co.in/?p=37872 – दीनवा में शहीद राहुल जांगिड़ की प्रतिमा के अनावरण समारोह में शामिल हुए केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री

झुंझुंनू। केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत मंगलवार को दीनवा गांव में आयोजित शहीद राहुल जांगिड़ की प्रतिमा के अनावरण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि देश की बलिदानी परम्परा से ही हमारी सनातन संस्कृति अब तक अमिट है और आगे भी रहेगी, वरना दुनिया की कई संस्कृतियां समय के साथ धूल धूसरित होती चली गईं।

शेखावत ने कहा कि देश की सीमा मां की तरह पवित्र होती है, जिस प्रकार हम मां की रक्षा हम करते हैं, वही जज्बा देश की रक्षा के लिए रखना होता है। शहीद राहुल जांगिड़ के माता-पिता का अभिनंदन करते हुए शेखावत ने कहा कि यह उनके दिए संस्कारों का परिणाम था कि राहुल में देश सेवा की भावना उत्पन्न हुई, अन्यथा जिस बीस वर्ष से भी कम उम्र में वे शहीद हुए, वह उम्र खेलने-कूदने की होती है। राहुल ने इस उम्र में हंसते-हंसते देश के लिए अपने आप को कुर्बान कर दिया। शहीद राहुल हम सब के लिए प्रेरणास्त्रोत है। 

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इस देश की आजादी में हजारों लोगों ने अपना सर्वस्व समर्पण किया है। निश्चित रूप से हम सब के लिए वे सम्मान के पात्र हैं। उनके बलिदान से हम प्रेरणा ले सकते हैं।

सनातन संस्कृति को बनाए रखने के लिए गांव, गोरी, गोमती, गंगा और गोमाता की रक्षा की सुदीर्घ परम्परा रही है। हमारा पुराना इतिहास हम देख सकते हैं, जहां अनेक माताओं ने अपने बच्चों को इन मानदंडों की रक्षा के लिए कुर्बान कर दिया। 

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि शेखावाटी की धरती पर राव शेखाजी ने सामाजिक समरसता का भाव स्थापित किया। नारी की लज्जा की रक्षा के लिए अपने आप को और अपनी तीन पीढ़ियों को कुर्बान किया। इतिहासकार कर्नल टॉड ने अपनी पुस्तक में लिखा है कि राजस्थान में इतने शहीद हैं कि हर गांव में शहीद स्मारक बनाया जा सकता है। राजस्थान के गांवों में ऐसे लोग भी है, जिन्होंने अपने पुरुषार्थ से गांव-गांव में पहचान बनाई। उनकी पहचान राजस्थानी गीतों में आज भी जीवंत है। 

शेखावत ने कहा कि आजादी की लड़ाई के समय में इस देश के लाखों लोगों ने अपना बलिदान दिया। इस बलिदानी परम्परा के चलते ही हमारी यह सनातन संस्कृति हमेशा के लिए अक्षुण्ण रही।  अन्यथा दुनिया में कई संस्कृतियां उत्पन्न हुई और समय के साथ समाप्त होती चली गई, लेकिन बलिदान की इस परम्परा ने भारत में सनातन संस्कृति को अक्षुण्ण बनाए रखा है। देश का इतिहास हम सब के लिए मात्र प्वाइंट ऑफ रेफरेंस नहीं है, बल्कि प्रेरणा का स्त्रोत है।

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