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Gulam Mohammed

आपका ‘‘सेवा भारती‘‘

 18 जुलाई 2015 को सूर्य नगरी से आपके ‘‘सेवा भारती‘‘ का उदय हुआ। सेवा भारती का सफर कामयाबी के साथ पूरा करने का पूरा श्रेय पाठकों को है।  आज ‘‘सेवा भारती‘‘ के पाठकों का जुड़ाव ही इस अखबार की बुनियाद है। अब तक के सफर के दौरान सेवाभारती अपने टाइटल के अनुसार पाठकों की सेवा का पर्याय बना है। ज्वलंत मुद्दों पर बेबाक टिप्पणी के साथ सूर्यनगरी के बाशिंदों व देश-विदेश में रहने वाले प्रवासियों तक निष्पक्ष समाचार पहुंचाने में ‘‘सेवा भारती‘‘ सदैव तत्पर रहा है। चाहे राजनीतिक विषय हो या सामाजिक या सांस्कृतिक आयोजन। ‘‘सेवा भारती‘‘ हमारे संस्कार और संस्कृति को जिंदा रखने में हमेशा आगे रहा। साथ ही कई अवसरों पर सामाजिक सरोकार भी निभाए। केन्द्र में सत्ता परिवर्तन के दौरान भी ‘‘सेवा भारती‘‘ ने निष्पक्ष समाचार देकर पाठकों के विश्वास को जीता।

जोधपुर ही नहीं, समूचे मारवाड़ व गोडवाड़ व राष्ट्रीय व अन्तरराष्ट्रीय स्तर की खबरें पाठकों तक पहुंचाकर ‘‘सेवा भारती‘‘ ने पाठकों में अपनी गहरी पैठ बनाई। आप सभी सम्मानित पाठकों के सहयोग से आगे भी ‘‘सेवा भारती’’ आपकी आकांक्षाओं में खरा उतरेगा। जोधपुर के अलावा पाली, जालोर, सिरोही व बाड़मेर, जैसलमेर के पाठकों का भी इतना प्यार मिला कि ‘‘सेवा भारती‘‘ की प्रसार संख्या पहले अपेक्षा अब दुगुनी हो गई है। अब तक के सफर में ‘‘सेवा भारती‘‘ ने समाज को एकता के सूत्र में जोडऩे का प्रयास किया, चाहे बात शराबबंदी की हो या फिजूल खर्ची पर अंकुश लगाने के लिए सामूहिक विवाह समारोह की। ‘‘सेवा भारती‘‘ ने ऐसे आयोजनों को प्रमुखता से प्रकाशित किया, ताकि अन्य समाज भी ऐसे आयोजनों से प्रेरणा ले सके। हमारा यह प्रयास आगे भी जारी रहेगा। हाल ही में ‘‘सेवा भारती‘‘ की शराबबंदी की मुहिम को भी मारवाड़-गोडवाड़ में जबरदस्त समर्थन मिला है। पाठकों का इसी तरह सहयोग मिलता रहेगा तो आगे भी ‘‘सेवा भारती‘‘ अन्य मुद्दों को भी पूरी ताकत के साथ उठाएगा तथा सरकार तक पहुंचाएगा। राजस्थानी भाषा की मान्यता के लिए भी अब ‘‘सेवा भारती‘‘  प्रमुखता से पाठकों की आवाज बुलंद करेगा, ताकि हमारी मातृ भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया जा सके। आज ‘‘सेवा भारती‘‘ पाठकों के एक बड़े वर्ग तक पहुंचा है और हर रोज इन्हीं पाठकों के साथ हम बढ़ते जा रहे हैं। बड़ा होने के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी निभानी पड़ती है। यही जिम्मेदारी समझते हुए ‘‘सेवा भारती‘‘ ने  निर्णय लिया है कि हमें पाठकों की जिंदगी का हिस्सा बनकर इस तरह की खबरें देनी हैं जो पाठकों को समाज में हमेशा आगे रखें। सच्ची पत्रकारिताए इसके पवित्र उद्देश्यों और शब्द-शब्द जिम्मेदारी निभाने में पाठकों का स्नेह हमेशा ‘‘सेवा भारती‘‘ के साथ रहा है। विश्वास है सच्चाई के इस रास्ते पर आपका मार्गदर्शन हमेशा मिलता रहेगा।

आपका अपना

‘गुलाम मोहम्मद’ (प्रधान सम्पादक)

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