कांग्रेस का जनता से संपर्क टूट चुका है, परिवारवाद और भ्रष्टाचार की राजनीति से जनता परेशान : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
गांधी मैदान से गोल बिल्डिंग तक निकली पदयात्रा, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर साधा निशाना, गहलोत और डोटासरा पर भी की टिप्पणी

जोधपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को जोधपुर में भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत आयोजित विशाल पदयात्रा में भाग लिया। गांधी मैदान से शुरू हुई पदयात्रा बी रोड होते हुए गोल बिल्डिंग पहुंची, जहां यह आमसभा में परिवर्तित हो गई। आमसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधा और एसआईआर, घुसपैठियों, परिवारवाद, भ्रष्टाचार एवं तुष्टिकरण जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घुसपैठियों को बाहर निकालने के उद्देश्य से एसआईआर की प्रक्रिया लाई गई है, लेकिन कांग्रेस नेताओं को यह रास नहीं आ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता अफवाहें फैलाकर आमजन को गुमराह कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि ‘मोदी है तो मुमकिन है’ के सिद्धांत के तहत 50 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर लाने का काम हुआ है। उन्होंने कांग्रेस पर बांग्लादेश और पाकिस्तान का सहयोग कर देश में अस्थिरता फैलाने का प्रयास करने का आरोप भी लगाया।
मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उनके किए गए कार्यों के चलते अब उन्हें राष्ट्रीय स्तर की रैली में भी मंच पर स्थान नहीं मिल रहा है और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा मंच से भाषण दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत उन्हें भोला मुख्यमंत्री कहते हैं, लेकिन वे गहलोत को वरिष्ठ नेता मानते हैं। इसके बावजूद गहलोत शिक्षा, किसान एवं स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर झूठ का सहारा लेकर भाजपा सरकार और उन्हें बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं।
किसानों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वे किसान के बेटे हैं और किसानों की पीड़ा समझते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अशोक गहलोत ने किसानों के साथ पहले भी धोखाधड़ी की है। अपने संबोधन में उन्होंने गहलोत के पारिवारिक एवं व्यावसायिक पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए खाद-बीज की दुकान से जुड़े समय को लेकर भी टिप्पणी की।
एयरपोर्ट पर जनप्रतिनिधियों ने किया स्वागत
इससे पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मंगलवार को संक्षिप्त प्रवास पर जोधपुर पहुंचे। एयरपोर्ट पर संसदीय कार्य, विधि एवं विधि कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, सूरसागर विधायक देवेंद्र जोशी, ओसियां विधायक भैराराम सियोल, बिलाड़ा विधायक अर्जुनलाल गर्ग, महापौर प्रसन्नचंद मेहता, राजस्थान किसान सेवा आयोग के अध्यक्ष सीआर चौधरी, जीव-जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत सिंह बिश्नोई, पूर्व राज्यमंत्री प्रो. महेंद्र सिंह राठौड़, पूर्व राज्यमंत्री मेघराज लोहिया एवं पूर्व सांसद रामनारायण डूडी सहित जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
पदयात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था प्रभावित
मुख्यमंत्री की गांधी मैदान से गोल बिल्डिंग तक पदयात्रा के दौरान सरदारपुरा क्षेत्र में व्यापक पुलिस व्यवस्था की गई। सुरक्षा के मद्देनजर क्षेत्र में पुलिस बल तैनात रहा। पदयात्रा के चलते सरदारपुरा बी रोड, सी रोड, चौपासनी रोड तथा जालोरी गेट से नेहरू पार्क रोड तक यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। कई मार्गों पर वाहनों की आवाजाही बाधित होने से आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ा।
आपातकाल की याद दिलाकर भाजपा ने चलाया घर-घर जनसंपर्क अभियान
पदयात्रा को लेकर भाजपा की ओर से जोधपुर शहर में व्यापक जनसंपर्क अभियान भी चलाया गया। प्रदेश, जिला एवं मंडल स्तर के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर आमजन को ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के उद्देश्यों की जानकारी दी।
जनसंपर्क के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने वर्ष 1975 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा लगाए गए आपातकाल का उल्लेख करते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों पर लगे प्रतिबंधों, विपक्षी नेताओं एवं आंदोलनकारियों की गिरफ्तारी तथा प्रेस की स्वतंत्रता पर लगाए गए प्रतिबंधों की जानकारी दी।
कार्यकर्ताओं ने आमजन को बताया कि लोकतंत्र केवल चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों की स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति की आजादी एवं संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा भी इसके महत्वपूर्ण आधार हैं। भाजपा पदाधिकारियों ने कहा कि आपातकाल का इतिहास देश की लोकतांत्रिक चेतना के लिए महत्वपूर्ण सबक है और नई पीढ़ी को इससे परिचित कराना आवश्यक है।
पदयात्रा में भाजपा के प्रदेश, जिला एवं मंडल स्तर के वर्तमान एवं पूर्व पदाधिकारी, विभिन्न मोर्चों के पदाधिकारी, नगर निगम के पार्षद एवं पूर्व पार्षद, बूथ अध्यक्ष, शक्ति केंद्र प्रभारी तथा बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। इसके अलावा आम नागरिकों, व्यापारियों, युवाओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी सहभागिता निभाई।
