सोजत में संतों का आगमन, अखंड रामायण पाठ में लिया भाग
सोजत। देवभूमि ऋषिकेश से संत महात्माओं का एक दल सोजत पहुंचा, जहां उन्होंने धार्मिक कार्यक्रम में भाग लेकर श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संदेश दिया। जगत गुरु दिगम्बर अखाड़ा वैष्णव सम्प्रदाय के 52 द्वारों में से एक प्रमुख द्वार के आचार्य योगानंद देवाचार्य स्वामी श्री दयाराम दास जी महाराज ब्रह्मपुरी, देवभूमि ऋषिकेश ने अपने उद्बोधन में कहा कि मनुष्य जीवन अत्यंत दुर्लभ है और इसे परोपकार के कार्यों में लगाकर ही सफल बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि विश्व में स्थायी शांति केवल भगवान राम के बताए मार्ग पर चलकर ही संभव है। उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि श्रीराम से बढ़कर मर्यादा का पालन करने वाला इस धरती पर कोई नहीं हुआ, वहीं हनुमान से बढ़कर भक्ति का उदाहरण भी दूसरा नहीं है।
जगत गुरु स्वामी श्री दयाराम दास जी महाराज सोजत स्थित श्रीराम कौशल्या गार्डन दवे फार्म हाउस में आयोजित 41 दिवसीय अखंड रामायण पाठ में भाग लेने पहुंचे। उल्लेखनीय है कि उनके सानिध्य में ऋषिकेश में पिछले 32 वर्षों से अखंड ज्योति एवं रामायण पाठ निरंतर संचालित हो रहा है।
यह संत मंडल जयपुर में आयोजित धर्म संसद में भाग लेने के पश्चात सोजत पहुंचा। कार्यक्रम के दौरान गोपाल दास जी महाराज, राम, बालक दास, हरिओम दास, प्रमोद दास, गिरिजेश, गिरीराज, दशरथ तिवारी, श्याम सिंह, सुरेंद्र अग्रवाल, कैलाश दवे, गणपत गहलोत, विशाल दवे, विकास टांक, गोरधन लाल गहलोत, गोपीकिशन टांक, सुरेश पंवार, निर्मल, रामदेव सोनी, तिलोक वैष्णव, रमेश घांची, शांति लाल, लक्ष्मण भाटी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।