जोधपुर में पाम संडे श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया
जोधपुर। मसीही समाज द्वारा प्रभु यीशु मसीह के यरूशलेम में विजयी प्रवेश की स्मृति में ‘पाम संडे’ (खजूर का रविवार) का पर्व रविवार, 29 मार्च 2026 को अपार श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शहर के विभिन्न चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया गया तथा एक विशाल संयुक्त शोभायात्रा निकाली गई।
रविवार सुबह 9:00 बजे एस.एम. चर्च और आराधनालय (कुड़ी) में पवित्र आराधना संपन्न हुई। एस.एम. चर्च में उदयपुर से पधारे रेव्ह. सनी एस. कुमार मुख्य वक्ता रहे, वहीं आराधनालय में गोरखपुर (देहरादून) से आए रेव्ह. जॉय विक्टर ग्रीन ने परमेश्वर का वचन साझा किया। दोनों ही चर्च परिसरों को खजूर की डालियों से आकर्षक रूप से सजाया गया था।
आराधना की विशेषता यह रही कि इसका संचालन संडे स्कूल फैलोशिप के बच्चों द्वारा किया गया। बच्चों ने हाथों में खजूर की डालियाँ लेकर ‘होसन्ना-होसन्ना’ के गीतों के साथ पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। भजनों और वचनों के माध्यम से उन्होंने शांति और प्रेम का संदेश दिया।
एस.एम. चर्च के मीडिया प्रभारी नवीन पॉल और वीनस मार्टिन ने बताया कि सुबह 11:30 बजे सेंट्रल मेथोडिस्ट चर्च के तत्वावधान में एक संयुक्त शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में एस.एम. चर्च, आराधनालय, सेंट्रल मेथोडिस्ट चर्च और क्राइस्ट चर्च के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
शोभायात्रा सेंट्रल मेथोडिस्ट चर्च (नेहरू पार्क) से प्रारंभ होकर जलजोग चौराहा, सरदारपुरा बी रोड, जालोरी गेट और ओलंपिक रोड होते हुए एस.एम. चर्च पहुंचकर संपन्न हुई। समापन स्थल पर एस.एम. चर्च कमेटी एवं सेंट एंड्रयूज हॉल कमेटी द्वारा श्रद्धालुओं के लिए शीतल पेय और भोजन की व्यवस्था की गई।
शोभायात्रा में प्रभु यीशु मसीह के जीवन एवं उनके बलिदान को दर्शाती आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की गईं, जो शहरवासियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। मसीही समाज के लोग हाथों में खजूर की डालियाँ लिए भजनों पर झूमते हुए आगे बढ़ रहे थे। मार्ग में स्वयंसेवकों द्वारा आइसक्रीम एवं शीतल पेय की व्यवस्था भी की गई।
रेव्ह. अविनाश मैसी ने बताया कि पाम संडे ईसाई धर्म में पवित्र सप्ताह की शुरुआत का प्रतीक है, जो विनम्रता और निस्वार्थ सेवा का संदेश देता है। बाइबल के अनुसार, जब प्रभु यीशु मसीह यरूशलेम में प्रवेश कर रहे थे, तब लोगों ने उनके स्वागत में अपने वस्त्र और खजूर की डालियां बिछाईं तथा ‘होसन्ना’ के जयघोष किए। यह दिन उन्हें शांति के मसीहा और राजा के रूप में स्वीकार करने की स्मृति में मनाया जाता है।
इस गरिमामयी आयोजन में रेव्ह. दलेर मसीह, रेव्ह. अविनाश मैसी, रेव्ह. रंजन बेहरा, फादर आबर्ट कुरुविला, फादर कमेंट, पास्टर विनय अल्फ्रेड, ब्रदर विष्णु, एस.एम. चर्च के सचिव सुशील हाबिल, कोषाध्यक्ष विजेश कुमार सहित विभिन्न गिरजाघरों के पदाधिकारी एवं समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। पुलिस प्रशासन के सहयोग से शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए, जिससे यातायात एवं व्यवस्था सुचारू बनी रही।