सच्चाई और अच्छाई के रास्ते पर चलना ही धर्म: संत चन्द्रप्रभ
सेवा भारती समाचार
जोधपुर।संत चन्द्रप्रभ ने कहा कि जो व्यक्ति अपने जीवन में सच्चाई, अच्छाई और भलाई के रास्ते पर चलता है, वह कहीं भी हो और कोई भी हो पक्का धार्मिक होता है। हर किसी इंसान को अपने जीवन से गलत प्रवृत्तियों का त्याग करके श्रेष्ठ और अच्छे जीवन का मालिक बनना चाहिए। धर्म की हम सभी लोगों को मूलभूत यही सिखावन है। चन्द्रप्रभ कायलाना रोड स्थित संबोधि धाम में सोशलमिडिया पर श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दुनिया में जीवन जीने के दो रास्ते है – एक भलाई का रास्ता और एक बुराई का रास्ता। जो भलाई और अच्छाई के रास्ते जीता है, वह देवता तुल्य होता है। कौन व्यक्ति किस धर्म का है यह खास बात नहीं है, हमारे जीवन की खासियत इसी में है कि हम नैतिकता, अहिंसा, सच्चाई और संयम का मार्ग जीते हैं या नहीं। धर्म के चरणों का जिक्र करते हुए संत ने कहा कि अपने अपने कर्तव्य का पालन करना इंसान पहला धर्म है। जो व्यक्ति कर्तव्य विमुख होता है, वह धर्म से दूर होता है। नैतिकता का आचरण करना धर्म का दूसरा चरण है। चोरी, मिलावट, रिश्वतखोरी और दुराचार से बचकर हमें नैतिकता का पालन करना चाहिए।